भोपाल के सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में 25 फरवरी 2026 को डिग्री की पढ़ाई में उद्योग का अनुभव जोड़ने के लिए समझौते हुए। मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग के अनुसार, 85 महाविद्यालयों, पाँच शासकीय विश्वविद्यालयों और तीन निजी विश्वविद्यालयों ने बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग, पश्चिमी क्षेत्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। CRISP ने इस प्रक्रिया में सहयोग किया। उद्देश्य पाठ्यक्रम के भीतर उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव जोड़ना है।
पाठ्यक्रम के भीतर काम का अनुभव
अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम यानी AEDP में विद्यार्थी नियमित अकादमिक पाठ्यक्रम के साथ किसी उद्योग में प्रशिक्षण लेते हैं। विभाग की सूचना कहती है कि अप्रेंटिसशिप अवधि में मासिक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। समारोह में संस्थानों के प्रतिनिधियों को नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई गई। यह समझौता प्रशिक्षण के ढांचे का विस्तार करता है; इसे हर विद्यार्थी की नियुक्ति की गारंटी नहीं समझा जाना चाहिए।
36 कॉलेजों से बढ़ा दायरा
विभाग के मुताबिक, 2024–25 में शुरुआती चरण के सात पाठ्यक्रम 36 महाविद्यालयों और पांच विश्वविद्यालयों में चले थे। 2025–26 में सात सेक्टर स्किल काउंसिल से जुड़े दस पाठ्यक्रम 85 महाविद्यालयों और पांच विश्वविद्यालयों में संचालित बताए गए। 25 फरवरी का समझौता 2026–27 में आगे विस्तार की तैयारी भी दर्ज करता है, लेकिन अगला दायरा, पाठ्यक्रमवार सीटें और संस्थानवार प्रवेश कार्यक्रम इस रिलीज में तय नहीं किए गए हैं।
मुख्य बातें
- 85 महाविद्यालयों, 5 शासकीय और 3 निजी विश्वविद्यालयों ने समझौता किया।
- AEDP में अप्रेंटिसशिप अवधि के दौरान स्टाइपेंड का प्रावधान बताया गया है।
- 2025–26 में 10 पाठ्यक्रम 85 महाविद्यालयों और 5 विश्वविद्यालयों में चलने की सूचना है।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



