फड़ स्वीकृति को लैब की चाबी नहीं बनाती। बुधवार। मंत्रालय, भोपाल। श्री परमार। जेईसी शासी निकाय 29वीं बैठक, साधारण सभा 15वीं।

स्वीकृति तीन सिरों पर: प्रयोगशाला उपकरण, विभागों की मरम्मत, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल का आधुनिकीकरण। योग ₹12 करोड़। श्री परमार: तकनीकी शिक्षा पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रह सकती—उनका वाक्य।

जो छत पर अभी निर्देश है

विभागों के भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के निर्देश। बिजली खपत और व्यय कम करने, हरित ऊर्जा—उद्देश्य की पंक्ति। फड़ इन्हें लगे पैनल नहीं लिखती।

प्राचार्य डॉ. चांडक का पालन प्रतिवेदन। पद्म भूषण डॉ. चौधरी, प्रो. शर्मा, डॉ. संतोष गांधी, डॉ. मोहन सेन, श्री प्रदीप मिश्रा। चित्र बैठक का फ्रेम है।

मुख्य बातें

  • ₹12 करोड़ बैठक की स्वीकृति है, लगे उपकरण नहीं।
  • मंच मंत्रालय भोपाल का है, जेईसी कैंपस नहीं।
  • सौर संयंत्र निर्देश भविष्य की पंक्ति है।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्य प्रदेश जनसंपर्क · तकनीकी शिक्षा को समयानुकूल बनाकर विद्यार्थियों को बेहतर कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता : मंत्री श्री परमार ↗16 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।

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